Sangam Today News/-
उत्तराखंड में जल स्रोतों के संरक्षण को मिलेगा नया बल, 13 नदियों के पुनर्जीवन पर तेज़ी से चल रहा काम
देहरादून। सचिवालय स्थित वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सभागार में सचिव, जलागम दिलीप जावलकर की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति (SARRA) की सातवीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश में जल स्रोतों, धारों-नौलों तथा नदियों के संरक्षण और पुनर्जीवन से जुड़े विभिन्न कार्यों की समीक्षा की गई तथा आगामी योजनाओं पर चर्चा हुई।
बैठक के दौरान बागेश्वर की गरुड़ गंगा और पौड़ी की पश्चिमी नयार नदी के पुनर्जीवन के लिए तैयार विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) प्रस्तुत किए गए। गरुड़ गंगा परियोजना के लिए लगभग 12 करोड़ रुपये तथा पश्चिमी नयार नदी परियोजना के लिए करीब 48 करोड़ रुपये की कार्ययोजना पर संबंधित विभागों ने प्रस्तुतीकरण दिया।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य के सभी 13 जिलों में "एक जनपद–एक नदी" योजना के तहत एक-एक प्रमुख नदी का चयन कर वैज्ञानिक तरीके से उसके संरक्षण और पुनर्जीवन का कार्य किया जा रहा है। अब तक 13 नदियों के लिए 120 करोड़ रुपये से अधिक की डीपीआर तैयार की जा चुकी हैं। इनमें कुछ परियोजनाओं पर कार्य जारी है, जबकि कई को आवश्यक स्वीकृतियां मिल चुकी हैं।
बैठक में जल स्रोतों के डिजिटलीकरण और दस्तावेजीकरण की प्रगति भी साझा की गई। SARRA द्वारा विकसित भागीरथ ऐप के माध्यम से 4,490 जल स्रोतों का GIS आधारित मानचित्रण किया जा चुका है। इसके अलावा प्रदेश में 5,775 जल संरचनाओं और जल स्रोतों की पहचान कर उनका डेटाबेस तैयार किया गया है।
"धारा-नौला संवर्धन योजना" की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अब तक 697 धारा-नौलों की पहचान की गई है। प्रथम चरण में ऐतिहासिक, पौराणिक और सांस्कृतिक महत्व रखने वाले 54 धारा-नौलों के संरक्षण और पुनर्जीवन की कार्ययोजनाएं तैयार की जा रही हैं। इन स्थलों के संरक्षण में स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
बैठक में जानकारी दी गई कि चालू वित्तीय वर्ष के दौरान SARRA के माध्यम से प्रदेशभर में 86 परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। कई परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि नई परियोजनाओं के लिए बजट और स्वीकृति की प्रक्रिया जारी है।
बैठक में परियोजना निदेशक जलागम हिमांशु खुराना, एसीईओ SARRA कहकशां नसीम, डीडी SARRA डीएस रावत, सीएफओ जलागम दीपक भट्ट सहित विभिन्न जिलों के अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए।

