Sangam Today News/- उत्तराखंड के सोमेश्वर (ताकुला) में IRRI और रीप परियोजना के सहयोग से दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमे 55 महिला किसानों ने प्रतिभाग किया ।
उत्तराखंड में पारंपरिक लाल धान की खेती को बढ़ावा देने और महिला किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से अंतराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (IRRI) वाराणसी तथा रीप परियोजना के सहयोग से सोमेश्वर में विशिष्ट धान की खेती के लिए सर्वोत्तम प्रबंधन प्रथाओं एवं गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन सोमेश्वर (ताकुला) में किया गया। कार्यशाला में 55 महिला किसानों द्वारा प्रतिभाग किया।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने महिला किसानों को धान की उन्नत खेती, गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन और बेहतर कृषि प्रबंधन की तकनीकी जानकारी दी वहीं प्रशिक्षण के दौरान क्वालिटी सीड प्रोडक्शन के विशेषज्ञ डॉ. सर्वेश शुक्ला तथा मैकेनिज्म एंड पोस्ट हार्वेस्टिंग के विशेषज्ञ डॉ. सूर्या कांत ने किसानों को व्यावहारिक प्रशिक्षण और डेमो के माध्यम से खेती की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराया। वहीं रीप परियोजना से सहायक प्रबंधक वैल्यू चेन गोपाल दत्त चबडाल के द्वारा गुणवत्ता पूर्वक लाल धान उत्पादन व संवर्धन पर जोर दिया गया।
दो दिवसीय कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड के लघु किसानों की उत्पादकता एवं आय बढ़ाना और विशिष्ट धान की मूल्य श्रृंखला को मजबूत करना है। इसके साथ ही गुणवत्तापूर्ण धान सहित अन्य पारंपरिक फसलों को बढ़ावा देना भी इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इस अवसर पर डीपीएमयू रीप से गोपाल दत्त चबडाल, सहायक प्रबंधक वैल्यू चेन; गणेश आर्या आजीविका समन्वयक; रीप से , कृषि एवं पशुपालन से प्रवीण सिंह उपस्थित रहे।
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