Sangam Today News/-
Almora/- उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे वन्य जीव-मानव संघर्ष को लेकर अल्मोड़ा जनपद के सल्ट विधानसभा अंतर्गत मानिला में "वन्य जीव-मानव सुरक्षा नीति जन गोष्ठी" आयोजित हुयी।
इस दौरान जनगोष्ठी में प्रबुद्ध वक्ताओं तथा क्षेत्र के प्रमुख आंदोलनकारियों ने जंगली जानवरों के लगातार बढ़ते हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इन घटनाओं से लोगों की जान-माल, पशुधन तथा कृषि फसलें निरंतर प्रभावित हो रही हैं।जिससे ग्रामीणों की आजीविका और सुरक्षा पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।तथा गावों से पलायन को लोग मजबूर हैं।जन गोष्ठी के माध्यम से सरकार से मांग की है
कि मानव–वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम के लिए प्रभावी एवं स्थायी नीति बनाई जाय।साथ ही प्रभावित परिवारों को समयबद्ध मुआवजा, सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने, वन विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया हैजनगोष्ठी में उपस्थित आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ठोस एवं प्रभावी कदम नहीं उठाए गये तो जनहित में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
कार्यक्रम का संचालन बीडी शर्मा एवं सुनील टम्टा ने किया।संगोष्ठी में पूर्व जिपं नारायण सिंह रावत, मुनीष कुमार, राजेन्द्र नेगी,चन्द्र सिंह रावत, घना नन्द शर्मा, पीसी तिवारी, चारु तिवारी, नंदन सिंह मनराल, मनीष सुंदरियाल, प्रभात ध्यानी, सुरेश टम्टा, नंदन रावत, ललिता रावत, सरस्वती रावत, पंकज, विजय, अनिता कनवाल, भावनी राम, प्रताप आर्या, गिरीश आर्य तथा पूरन भाकुनी, हरीश आर्य सहित विभिन्न आंदोलनों से जुड़े और सामाजिक राजनैतिक संगठन के लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन बीडी शर्मा एवं सुनील टम्टा ने किया।संगोष्ठी में पूर्व जिपं नारायण सिंह रावत, मुनीष कुमार, राजेन्द्र नेगी,चन्द्र सिंह रावत, घना नन्द शर्मा, पीसी तिवारी, चारु तिवारी, नंदन सिंह मनराल, मनीष सुंदरियाल, प्रभात ध्यानी, सुरेश टम्टा, नंदन रावत, ललिता रावत, सरस्वती रावत, पंकज, विजय, अनिता कनवाल, भावनी राम, प्रताप आर्या, गिरीश आर्य तथा पूरन भाकुनी, हरीश आर्य सहित विभिन्न आंदोलनों से जुड़े और सामाजिक राजनैतिक संगठन के लोग मौजूद रहे।

