Sangam Today News/- अल्मोड़ा जिले के मानिला में, सिद्धेश्वर धाम मंदिर का पुनर्निर्माण दिव्य और भव्य रूप में सम्पन्न हो गया। देवालय में प्राण प्रतिष्ठा और जागरण का आयोजन 13 व 14 मई को कलश यात्रा व विशाल भन्डारे के साथ होगा।
'द्वी थानों का बीचों बीच यौ रुपसा डानी, एकमा सरस्वती रैछ, एकमा भवानी’ हीरासिंह राणा के सुप्रसिद्ध गीत की यह पंक्ति मानिला की दिव्यता और धार्मिक महत्वता को प्रकट करती है । मानिला देवी मंदिर जो की क्षेत्र में शक्ति और भक्ति का प्रतीक है, 2 मंदिरों के बीच आदर्श राजकीय इन्टर कॉलेज मानिला के ही आधिकारिक क्षेत्र में स्थित है सिद्धेश्वर महादेव मंदिर ।
सिद्धेश्वर मंदिर गत वर्षों से कमजोर हो चुके भवन के कारण जर्जर अवस्था में था। क्षेत्र के युवाओं ने इसके गर्भग्रह को पूर्णतः नवीन रूप देने के लिए इसके कायाकल्प का बीड़ा उठाया ।
अब यह देवालय अपने नवनिर्मित स्वरूप मे भव्य रूप से निर्मित है। देवालय में प्राणप्रतिष्ठा का यह दो दिवसीय कार्यक्रम उस कालजयी शिव-चेतना की अक्षुण्ण परंपरा को आगे बढ़ाने का यज्ञ है जिसकी स्थापना 1975 मे हुई थी ।
श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में 13 व 14 मई को प्राण प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
जिसमें की बुधवार दिनांक 13 मई को प्रातः 8:00 बजे मानिला देवी धाम से कलश यात्रा नगाड़े-निशाण के साथ निकलकर इंटर कॉलेज गेट से रतखाल बाजार नगर भ्रमण करते हुए श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर पहुंचेगी। इसके पश्चात गणेश पूजा, अधिवास अनुष्ठान, भजन संध्या, भोजन प्रसाद एवं रात्रि जागरण का आयोजन किया जाएगा।
गुरुवार दिनांक 14 मई को नित्य क्रम पूजा अर्चना, प्रतिष्ठा विग्रह पूर्णाहुति, संत पूजन, कन्या पूजन एवं विप्र पूजन के साथ महाप्रसाद और भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर परम संरक्षक नागा बाबा श्री गंगा गिरि महाराज उपस्थित रहेंगे।
आज से तकरीबन 2 वर्ष पूर्व सिद्धेश्वर मंदिर पुनर्निर्माण समिति का गठन इस मंदिर के पुनर्निर्माण का बीड़ा उठाने की लिए हुआ, जिसमें समिति के अध्यक्ष मनमोहन सिंह व कोषाध्यक्ष रमेश लखचौरा नियुक्त हुए और क्षेत्रीय जनता के साथ विचार मंथन कर शीघ्र क्रमबद्ध तरीके से कार्य प्रारंभ हुआ, और सभी क्षेत्रवासियों के सहयोग से समिति ने इस मंदिर के पुनर्निर्माण व सौंदर्यीकरण के कार्य को संपन्न किया।
मंदिर के पुनर्निर्माण व सौंदर्यीकरण हेतु क्षेत्र में रामलीला मंचन, होली गायन के माध्यम से और सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से भी क्षेत्र की जनता ने अपना सहयोग दिया। आदर्श राजकीय इन्टर कॉलेज मानिला के पूर्व शिक्षकों और छात्रों के विशेष सहयोग से यह निर्माण कार्य सम्पूर्ण हुआ ।
प्राणप्रतिष्ठा के कार्यक्रम के मुख्य यजमानों में श्रीमती एवं श्री महेश जीना (विधायक सल्ट ), श्रीमती एवं श्री भूपेंद्र पाल सिंह खाती, श्रीमती एवं श्री दीवान सिंह नेगी, श्रीमती एवं श्री सुरेश सतपोला, श्रीमती एवं श्री रविन्द्र सत्यवली, श्रीमती एवं श्री नरेश नैलवाल तथा श्रीमती एवं श्री रवि चौहान है।प्राणप्रतिष्ठा का यह आयोजन समस्त क्षेत्रीय जन एवं भक्त जन एवं श्री सिद्धेश्वर महादेव समिति तथा श्री रामलीला रंगमंच समिति के सहयोग से किया जा रहा है।
श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर सन् 1975 में राजकीय इंटर कॉलेज मानिला के तत्कालीन प्रधानाचार्य स्वर्गीय चिरंजी लाल वर्मा एवं उनके सहयोगी साथियों द्वारा स्थापित किया गया था । यह मंदिर सिर्फ देवालय नहीं, बल्कि यह मंदिर आस्था, संस्कार और शिव-चेतना की अक्षुण्ण परंपरा का प्रतीक है । और इसका पुनः नवनिर्माण उस चेतना के कालजयी होने का प्रतीक है ।

