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देहरादून। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में आयोजित राज्य कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में कुल पांच महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें अल्पसंख्यक आयोग में संशोधन, आरक्षण से जुड़े प्रावधान, भाषा संस्थान में बदलाव, निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना और सार्वजनिक जुए पर रोक लगाने से संबंधित विधेयक शामिल हैं।
1-अल्पसंख्यक आयोग संशोधन विधेयक को मंजूरी
कैबिनेट ने उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग (संशोधन) विधेयक, 2026 को स्वीकृति प्रदान की। राज्य में अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों की रक्षा और उनके सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वर्ष 2002 में आयोग का गठन किया गया था। नए संशोधन के बाद आयोग को पूर्णकालिक स्वरूप देने और अल्पसंख्यक समुदायों को बेहतर प्रतिनिधित्व देने की व्यवस्था की जाएगी, जिससे उनकी समस्याओं के समाधान में तेजी आएगी।
2- पूर्व सैनिकों के आरक्षण को मिलेगा कानूनी आधार
कैबिनेट ने उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश लोक सेवा – शारीरिक रूप से विकलांग, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित और पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण) अधिनियम, 1993 (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दी है। इसके माध्यम से राज्य सेवाओं में पूर्व सैनिकों को आरक्षण देने के लिए 22 मई 2020 को जारी शासनादेश को कानूनी रूप दिया जाएगा।
3- भाषा संस्थान संशोधन विधेयक को हरी झंडी
बैठक में उत्तराखंड भाषा संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी स्वीकृति दी गई, जिससे संस्थान की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं को और प्रभावी बनाया जा सकेगा।
4-राज्य में खुलेंगे तीन नए निजी विश्वविद्यालय
कैबिनेट ने उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी देते हुए राज्य में तीन नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना का रास्ता साफ कर दिया है।
इनमें शामिल हैं:
नैनीताल जिले में माउंट वैली विश्वविद्यालय
देहरादून जिले में तुलाज विश्वविद्यालय
देहरादून जिले में शिवालिक विश्वविद्यालय
5-सार्वजनिक जुए पर सख्ती की तैयारी
कैबिनेट ने उत्तराखंड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दी। इसके तहत ब्रिटिश काल के सार्वजनिक द्यूत अधिनियम, 1867 को समाप्त कर नया कानून लागू किया जाएगा। नए प्रावधानों के अनुसार सार्वजनिक जुआ, द्यूत घरों के संचालन और खेलों में सट्टेबाजी पर कड़ी रोक और सख्त दंड का प्रावधान किया जाएगा।

