Ticker

6/recent/ticker-posts

SSC परीक्षा के दौरान नकल गिरोह का STF ने किया पर्दाफाश,दो लोगों को किया गिरफ्तार


Sangam Today News/- 
देहरादून/- उत्तराखंड में नकल पर रोक लगाने के लिए मुह पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुपालन में उत्तराखंड STF को बड़ी कामयाबी मिली है। SSP नवनीत सिंह भुल्लर ने के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार भारत सरकार द्वारा आयोजित कर्मचारी चयन आयोग (SSC) मल्टी टॉस्टिंग परीक्षा विभिन्न परीक्षा सेंटरों पर आयोजित की जा रही थी। इस दौरान STF उत्तराखंड व STF यूपी द्वारा सतर्क निगरानी रखी गयी।इस दौरान एक परीक्षा सेंटर पर नकल कराये जाने का इनपुट मिला।
जिसका संज्ञान लेते हुये पुलिस महानिरीक्षक एसटीएफ(STF) डॉ० नीलेश आनन्द भरणे के निर्देशों के क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर द्वारा पुलिस उपाधीक्षक एसटीएफ आरबी चमोला के निकट पर्यवेक्षण में एसटीएफ की टीम द्वारा रणनीति तैयार की गई। तथा उत्तराखण्ड एसटीएफ व उत्तर प्रदेश (UP)एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई के दौरान परीक्षा केन्द्र महादेव डिजिटल जोन, एमकेपी इण्टर कालेज देहरादून में प्राप्त इनपुट के आधार पर दबिश दी गई, तो परीक्षा लैब के पास बने यूपीएस रूम में एक कोने पर एक अण्डर ग्राउण्ड चेम्बर (गड्ढा) 24*24 इंच का बनाकर उसमें 02 लेपटॉप मय राउटर के स्वचालित अवस्था में मिले, जिनको रिमोटली चलाया जा रहा था। उक्त दोनों लैपटाप के माध्यम से परीक्षा में प्रश्न पत्रों को हल करने में मदद की जा रही थी। एसटीएफ टीम द्वारा तकनीकी व फोरेंसिक उपकरणों का प्रयोग करते हुए उक्त सिस्टम को कब्जे में लेकर सील किया गया। इस अवैध गतिविधि में संलिप्त 2 व्यक्तियों नीतिश कुमार पुत्र चन्द्रभान गौड़ निवासी भाटपार रानी देवरिया, उ.प्र. हाल निवासी नागलोई दिल्ली और भास्कर नैथानी पुत्र दिनेश चन्द्र नैथानी निवासी नथुवावाला, देहरादून को गिरफ्तार किया गया । अभियुक्तगणों के विरूद्ध कोतवाली देहरादून में मु.अ.स. 58/2026 अन्तर्गत धारा 11(1), 11(2), 12(2), 12(3) उत्तराखण्ड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) अधिनियम 2023 व धारा 318(2), 61, 111(3)(4) बीएनएस एवं धारा 66 आईटी एक्ट के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत कराया गया है, जिसकी विवेचना अपर पुलिस अधीक्षक रैंक के पुलिस अधिकारी द्वारा की जाएगी।पूछताछ में पुलिस टीम को जानकारी प्राप्त हुई कि उक्त अभियुक्तों द्वारा अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने के लिए अभ्यर्थी से 10 लाख रूपये की मांग की जाती थी और अत्याधुनिक तकनीकी का प्रयोग कर उनके कम्प्यूटर को रिमोटली एक्सेस लेकर उनका प्रश्नपत्र हल किया जाता था। सह अभियुक्तगणों की तलाश हेतु पुलिस टीम गठित की गई है । उनके द्वारा संभावित स्थानों पर दबिश व छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है।