Sangam Today News/-
स्याल्दे (अल्मोड़ा) /- Almora जनपद अंतर्गत स्याल्दे ब्लाक के दूरस्थ मल्ला धनेटा स्थित श्री बद्रीनाथ मंदिर परिसर में श्री बद्रीनाथ मंदिर सेवा समिति ने हरेला पर्व पखवाड़ा के तहत बद्रीनाथ मंदिर में बृहद पौधरौपण अभियान शुरू किया है। समिति नग्राम नींबूगैर से श्री बद्रीनाथ मंदिर तक पौधरौपण किया।इस अभियान का उद्देश्य मंदिर परिसर एवं मंदिर मार्ग की धरा को हराभरा बनाते हुए पर्यावरण संरक्षण तथा धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है।कार्यक्रम के अंतर्गत वन प्रभाग रानीखेत ने बांज , बुरास ,उतीस , बुरास , सहतूत , मोरपंखी , बांस सहित विभिन्न प्रजातियों के 500 पौधे एवं उनकी सुरक्षा हेतु 100 लोहे के ट्री गार्ड उपलब्ध कराए गए। वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने स्थल का निरीक्षण कर उपयुक्त स्थानों का चयन किया तथा अपने तकनीकी मार्गदर्शन में पौधारोपण कराया। साथ ही पौधों के संरक्षण एवं रखरखाव के संबंध में भी आवश्यक जानकारी दी।समिति के कार्यकारणी सदस्य केडी शर्मा ने बताया कि यह अभियान एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जब तक सभी 500 पौधों का सफलतापूर्वक रोपण नहीं हो जाता, तब तक यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। इसके बाद भी पौधों की सुरक्षा एवं नियमित देखभाल सुनिश्चित की जाएगी, ताकि आने वाले वर्षों में ग्राम नींबूगैर से श्री बद्रीनाथ मंदिर तक का सम्पूर्ण मार्ग हरित एवं आकर्षक स्वरूप प्राप्त कर सके। इस अवसर पर श्री बद्रीनाथ मंदिर सेवा समिति के अध्यक्ष हरिश्चंद्र ध्यानी के नेतृत्व में केडी शर्मा, शिव दत्त ध्यानी, गोपाल दत्त, लक्ष्य, उदियानंद, राजे सिंह, जानकी देवी, बसंत देवी, उमा देवी, चंद्रा देवी, जसुली देवी, नारायण दत्त, पुष्पा देवी, शंकर दत्त एवं हीरा देवी सहित समिति के पदाधिकारियों एवं ग्रामवासियों ने सक्रिय सहभागिता री। वन विभाग की ओर से वनाधिकारी विजय सिंह, पूरन सिंह नेगी सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए पौधारोपण कराया तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।इस अवसर पर समिति के कार्यकारिणी सदस्य केडी शर्मा ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल पौधारोपण करना नहीं, बल्कि प्रत्येक पौधे को सुरक्षित रखकर उसे वृक्ष बनाना है। यदि हम सभी ग्रामवासी मिलकर इस अभियान को सफल बनाते हैं, तो आने वाले वर्षों में श्री बद्रीनाथ मंदिर परिसर एवं मंदिर मार्ग हरियाली से आच्छादित होकर धार्मिक पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण का एक आदर्श उदाहरण बनेगा।समिति ने वन विभाग का आभार जताया है।

